ऐतिहासिक रहा नेहरू हॉस्टल मिलन समारोह 2024

ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे , तोड़ेंगे दम मगर नेहरू हॉस्टल का साथ नहीं छोड़ेंगे।
नेहरू हॉस्टल मिलन समारोह कार्यक्रम के जरिए जंवा हुई 60 साल पुरानी यादें।

नेहरू हॉस्टल के प्रथम विद्यार्थी सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने कहा- आगे बढ़ने के लिए शराब और प्रेम-प्रसंग बेहद हानिकारक।
 
इंदौर:आज ए.बी.रोड टंट्या भील चौराहे पर स्थित पंडित मोतीलाल नेहरू पोस्टमेट्रिकोत्तर आदिवासी बालक छात्रावास में हॉस्टल मिलन समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।सर्वप्रथम वरिष्ठजनों द्वारा आदिवासी क्रांतिकारियों तथा अन्य पुरखों सहित सरस्वती माता की नीम के पत्ते तथा ज्वार के दाने ,चावल से प्राकृतिक पूजा अर्चना की गई। तत्पश्चात हॉस्टल के सभी वरिष्ठजनों एवं कनिष्ठजनों द्वारा देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह तथा हॉस्टल के दिवंगत वरिष्ठजनों कनिष्ठजनों को श्रद्धा सुमन श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु तीन मिनट का मौन धारण किया गया। स्वागत भाषण देते हुए रामलाल बघेल ने कहा स्वर्ग और नरक के बारे में सिर्फ हमने सुना है देखा नहीं है किंतु मध्य प्रदेश के इंदौर में नेहरू हॉस्टल के रूप में हमने स्वर्ग देखा है।इसके पश्चात वर्षानुसार वर्ष 1963 से वर्ष 2024 तक सभी वरिष्ठजनों का बेचवाईज मंच पर स्मृति स्वरूप शिल्ड देकर सम्मानित किया गया।मंच पर अपनी कहानी स्वयं की जुबानी में वरिष्ठजनों द्वारा पुरानी यादों के पिटारे खोले गए, हॉस्टल के पलों को याद करके खूब हंसी ठिठोली की। कुछ वरिष्ठजनो द्वारा वर्तमान छात्रों को प्रेरणादायक उद्बोधन भी दिया गया।हॉस्टल के प्रथम विद्यार्थी श्री इंद्रजीत सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा - विद्यार्थी जीवन में नशा और प्रेम प्रसंग से बचना चाहिए।नशा सिर्फ लक्ष्य प्राप्ति का होना चाहिए। 
सफलता हासिल करने में नशा और प्रेम प्रसंग बाधा उत्पन्न करते हैं।
हमें मां बाप के संघर्ष को देखकर आगे बढ़ना होगा।
वरिष्ठ श्री अमरसिंह अवास्या ने कहा हमें कभी भी समाज का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। 
वरिष्ठ श्री डॉ. भावसिंह मुझाल्दा ने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की ट्रिक बताते हुए कहा विद्यार्थी जीवन में एम-3 : मैच (पढ़ने में अव्वल) , मंच(मंच पर बोलना) और मैदान (खेल के मैदान में किसी भी खेल में अव्वल) का पालन अवश्य करना चाहिए ,
कार्यक्रम के बीच में छात्रों द्वारा आदिवासी लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया। श्री बाबूलाल सोलंकी द्वारा "बने चाहे दुश्मन जमाना हमारा सलामत रहे दोस्ताना हमारा " तथा श्री राकेश देवडे़ द्वारा"ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना
" वरिष्ठ श्री जवाहर मंडलोई द्वारा ' दोस्ताना 'गीत प्रस्तुत किए गए।
विदित है कि नेहरू हॉस्टल का उद्घाटन 6 सितंबर 1962 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भगवतराव मंडलोई द्वारा किया गया था। वर्ष 1963 से लेकर 2024 तक इस हॉस्टल में रहकर छात्रों ने कई उच्च पदों को हासिल किया है। जिसमें न्यायाधीश , आईएएस, आईपीएस, डिप्टी कलेक्टर, पुलिस निरीक्षक, सूबेदार, वकील, एक्साइज इंस्पेक्टर, मंडीइंस्पेक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक अधिकारी, प्रोफेसर, शिक्षक, तहसीलदार, आबकारी अधिकारी, रेंजर,बैंक अधिकारी ,विधायक , कई अनगिनत सामाजिक कार्यकर्ता शामिल है।
इस अवसर पर वर्ष 1962 से 2024 के भूतपूर्व छात्रों में 
श्री रणजीत सिंह (सेवानिवृत जिला न्यायाधीश),
श्री करण सिंह तड़वाल (सेवानिवृत्त आईओएफएस), श्री विजय सिंह आवासिया (सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर), श्री बी.एस. जामोद (आईएएस),
श्री पदम सिंह बघेल (सेवानिवृत रेल सुरक्षा आयुक्त), श्री सुभान सिंह सस्तिया (मुख्य प्रबंधक), श्री एन. एस. चौहान (एसडीओ फॉरेस्ट), श्री एन.पी. सिंह (सेवानिवृत्त मुख्य प्रबंधक), श्री भावसिंह मुजाल्दा (प्राचार्य), श्री मुकाम सिंह निगवाल (पूर्व विधायक विधानसभा सरदारपुर), इंजी. सज्जन सिंह चौहान (अधीक्षण यंत्री), श्री उदय सिंह मंडलोई (सेवानिवृत्त आरटीओ अधिकारी), श्री रघुनाथ सिंह चौहान (संयुक्त संचालक वित्त), श्री गोपाल सिंह भारद्वाज (कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़), श्री कैलाश चौहान (प्रबंधक डिपो), श्री राजू सिंह बघेल (टी.आई.) , श्री मदन सिंह बघेल (एडवोकेट), श्री जवाहर मंडलोई (जेल अधीक्षक), श्री ठाकुर बघेल (इंदौर विकास प्राधिकरण), श्री नरेंद्र मोरी (उच्च अधिकारी वाणिज्य), 
श्री अजय चौहान (महिला एवं बाल विकास अधिकारी), श्री रवि बघेल (उच्च अधिकारी मध्य प्रदेश पुलिस), श्री विनोद बघेल (थाना प्रभारी मध्य प्रदेश पुलिस), श्री करम बघेल ( शिक्षा विभाग ), डॉ.सरदार अलावा (मेडिकल ऑफिसर),श्री डॉ .कुंवर सिंह बामनिया (प्रोफेसर),
श्री मोहम्मद सोलंकी (मध्य प्रदेश पुलिस), श्री राजीव रावत (सब इंजीनियर), श्री राजेश ओहरिया (पुलिस निरीक्षक), श्री डॉ.दिलीप एस्के (प्रोफेसर,वैज्ञानिक अधिकारी) श्री मोहन डावर (वैज्ञानिक अधिकारी) , श्री सुरेश मुजाल्दा (मंडी इंस्पेक्टर),श्री मनीष अलावा (वरिष्ठ लेखा अधिकारी एम.पी.ई.बी.), श्री नारायण जामोद (प्रोफेसर),श्री देवी सिंह मौर्य (बैंक अधिकारी), श्री लाल सिंह सोलंकी (वरिष्ठ लेखाअधिकारी एम.पी.ई.बी.), श्री राकेश देवडे़ (आफिस असिस्टेंट एम.पी.ई.बी. ), श्री धरम जामोद (सुबेदार मध्य प्रदेश पुलिस), श्री सचिन जमरे (मध्य प्रदेश पुलिस),श्री भूपेंद्र बामनिया (मध्य प्रदेश पुलिस), श्री सुरेंद्र बामनिया (पीएचडी स्कॉलर), श्री संतोष चौहान (खेल विभाग),श्री मांगीलाल निगवाल, श्री कर्नल मंडलोई, श्री बाबू बघेल, श्री भागीरथ कनासे, श्री मुकेश बघेल, श्री संदीप सिसोदिया, श्री संतोष बरडे, श्री रविन्द्र देवडे़, श्री अनिल डावर, श्री दिनेश चौहान, श्री सुरेश चौहान इत्यादि वरिष्ठज, कनिष्ठजन एवं हॉस्टल के छात्र उपस्थित रहे।संचालन राकेश देवडे़ बिरसावादी तथा रामलाल बघेल, संदीप सिसौदिया,बाबूलाल बघेल, सचिन जमरे , लाल सिंह सोलंकी द्वारा किया गया।आभार कर्नल मंडलोई द्वारा व्यक्त किया गया ।
सादर प्रकाशनार्थ प्रेषित 
दिनांक 07.01.2024

          भवदीय 
     राकेश देवडे़ बिरसावादी 
   9617638602

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