बाप आखिर बाप होता है?

जय जोहार 
बाप द्वारा किये गए कर्मों का परिणाम चाहे जैसा भी हो, लेकिन बाप के प्रयासों का उद्देश्य हमेशा उचित और प्रेरक होता है!! जो बिना आँसू बिना आवाज के रोता है, वो बाप होता है, जो बच्चों की किस्मत के छेद अपनी बनियान में पहन लेता है, वो बाप होता है। माँ रखती है हमें 9 महीने अपनी कोख में, जो 9 महीने अपने दिमाग में ढोता है, वो बाप होता है। घर में जब सबके लिए नए जूते आते हैं, तब बाप के जूतों के तलवे घिस जाते हैं। जो अपनी आँखों में दूसरों के सपने संजोता है, वो बाप होता है। बाप रखवाला होता है, बाप निवाला होता है, बाप अपनी औलाद से हारकर मुस्कराने वाला होता है। बाप करता है, पर कहता नहीं।"
:राकेश देवडे़ बिरसावादी 

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