स्वतंत्रता सेनानी टंट्या भील

जय जोहार जय बिरसा जय आदिवासी 🌱 🌱 🌱 🌱 🌱 🌱 🌱 🌱 🌱 
जय जोहार जय बिरसा जय टंट्या भील जय आदिवासी 🌱 🌱 🌱 🌱 🌱 🌱 
"बिना लड़े कोई वीर नहीं होता,
बिना त्याग के कोई पीर नहीं होता,
यह तो वर्षों का संघर्ष है साथियों,
वरना हर कोई आदिवासी टंट्या भील नहीं होता।_"
अमर शहीद शौर्यवीर, इंडियन रॉबिनहुड, रॉबिनहुड टंट्या भील जी के शहादत दिवस पर सादर श्रद्धांजलि और उन्हें नमन जोहार"🙏
👉CENTRAL PROVINCES OF INDIA में 32 साल तक का ऐतिहासिक हथियारबंद देशज विद्रोह, अपने कौम कबिले समुदाय समाज के सामाजिक सांस्कृतिक अस्तित्व अस्मिता आत्मसम्मान और जिंदा रहने के मुल स्रोत संसाधनों ▶️ जल ▶️ जंगल ▶️ जमीन ▶️ खेती ▶️ संस्कृति ▶️ प्रकृति को बचाने के लिए समर्पित संकल्पित संघर्षशील न्योछावर संघर्ष के दौरान-28 साल तक जिसने अपने घर की चौखट तक पलटकर नहीं देखी, जिन्हें दुनिया में "जमीन के न्याय का वास्तविक देवता" बोला गया, जो on the spot जगह पर न्याय के लिए जाने जाते थे। जिनका संघर्ष मूलतः ▶️(1) Language of Land (जमीन की भाषा), ▶️(2) Language of Culture (संस्कृति की भाषा), ▶️(3) Language of Servieval on this Land (इस जमीन पर जिंदा रहने की भाषा) पर आधारित था। जिन्होंने मध्य भारत के भीलवाना, विंध्याचल, सतपुड़ा निमाड़ क्षेत्र में कुल-7 लाख 27 लाख हेक्टेयर छीनीं गई भूमि, जमीन की लड़ाई लड़ी और 5 लाख 25 हजार हेक्टेयर भूमि जमीन अपने इंडिजन आदिवासी ट्राइब्स किसान कबिलाई समुदाय समाज के लोगों की तत्कालीन, भावी पीढ़ी को जिंदा रहने के लिए अंग्रेजों, प्रस्थापित शरणार्थी परजीवियों से छीनकर पुनः दिलाकर अपनी शहादत देनेवाले महाविद्रोही, महानायक, इंडियन रॉबिनहूड़, राष्ट्र मालक, महान ट्राइब्स किसान कबिलाई सोच और विचाधारा, भील ट्राइब्स किसान कबिलाई लड़ाका #टंट्या_भील शहीद दिवस-04 दिसम्बर-2024 पर उनके सामाजिक सिद्धांतों को नमन 🙏💐🙏 जोहार
🙏🌾🙏 विनम्र अभिवादन 🙏💐🙏 भावपूर्ण आदरांजलि अर्पित करते हुए उनके क्रांतिकारी विचारों, सिद्धांतों को समाज में पहुचाने का सामाजिक संकल्प लेते हैं। ✍️👉 स्वतंत्रता सेनानी टंट्या भील
संकलन: राकेश देवडे़ बिरसावादी 🙏 

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