क्या दलित आदिवासी ओबीसी को क्रिकेट खेलना नहीं आता ? भारतीय क्रिकेट टीम में शून्य क्यों?

जिस तरह से हमारे देश में सेक्स पर बात करने से लोग हिचकते हैं उसी तरह खेलों में जाति पर बात करने में हिचकते हैं।
आइए हम आज जानते हैं कल की टीम का समाज शास्त्र।
कुल खिलाड़ी - 11
सवर्ण - 8
OBC - 1
दलित - 0
आदिवासी -0
अल्पसंख्यक - 2
ये जातिवाद नहीं है। ये खेल का समाजशास्त्रीय विश्लेषण है जो कि करना बहुत ज़रूरी है। 
8 सवर्ण खिलाड़ियों में 5 ब्राह्मण, 1 खत्री, 1 लिंगायत और 1 राजपूत है। 
OBC में मात्र एक यादव है।
अल्पसंख्यक में बुमराह जो कि सिख हैं और सिराज जो कि मुसलमान हैं।
ये विश्लेषण इसलिए है क्योंकि इससे बहुत से सवाल उठते हैं। उनमें से सबसे बड़ा सवाल है कि
देश की 25% आबादी जिसमें कि दलित और आदिवासी आते हैं उनसे कोई क्यों नहीं पहुंचता है राष्ट्रीय टीम में? क्या ये लोग मेहनती नहीं हैं या फिर इन्हें उचित मौके नहीं मिलते हैं? आज भी देखेंगे तो क्रिकेट टीम में एक ही वर्ग का आधिपत्य दिखाई देता है।

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