भील प्रदेश बनाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
देवास। जयस बिरसा ब्रिगेड देवास द्वारा पृथक राज्य भील प्रदेश की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व देवास को ज्ञापन सौंपा गया।जयस बिरसा ब्रिगेड देवास के जितेंद्र भूरिया ने बताया कि भारतीय उपमहाद्वीप में 20 लाख साल पहले से रह रहे आखेटक खाद्य संग्राहक मानव समूह के वंशज आदिवासी है। पुरातात्विक स्थल विंध्याचल सतपुड़ा अरावली पर्वतमाला में क्रमशः बेलन नदी घाटी भीमबेटका एवं साबरमती नदी बेसिन में मिले हैं। भारत की इस मूल संस्कृति मानव समूह के संरक्षण के लिए भील प्रदेश राज्य गठन अति आवश्यक है। भारत भूमि की मूल मिट्टी की मूल उपज भील आदिवासी है। पश्चिमी भारत के इस इलाके में ईरानी, यूनानी, पार्थियन, शक, कुषाण, हुण, अरब, तुर्क, मुगल विदेशियों के वंशज भी आकर बसे। जिससे भारत की मूल संस्कृति सभ्यता बोली धर्म के अस्तित्व की रक्षार्थ भील सांस्कृतिक भाषाई ऐतिहासिक क्षेत्र को जोड़कर भील प्रदेश राज्य का गठन होना चाहिए था किन्तु नहीं हुआ और चार राज्यों में पूरा इलाका बांट दिया गया। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश की विधानसभाओं में भील प्रदेश राज्य का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार द्वारा भील प्रदेश राज्य का गठन किया जाना चाहिए। भारत के संविधान के अनुच्छेद 3 (क ,ख,ग,घ,ड) के तहत पश्चिमी भारत के भील आदिवासी सांस्कृतिक भाषाई ऐतिहासिक क्षेत्र के 43 जिलो का इलाका (चार राज्य एक केंद्र शासित प्रदेश) जोड़कर भील प्रदेश राज्य बनाना चाहिए। साबरमती नदी घाटी एवं नर्मदा नदी घाटी के पुरातात्विक मानव अवशेषों से प्रमाणित होता है कि प्रारंभिक मानव अफ्रीका के साथ-साथ भारत के गोंडवाना लैंड में भी जन्मा था इन्हीं के वंशज भारत भूमि के आदिवासी समुदाय के वर्तमान वंशज है।भारत सरकार आदिवासी समुदाय को प्रथम राष्ट्र घोषित करें। आदिवासी समाज के सम्मान के लिए 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस का अवकाश घोषित करें। ज्ञापन देते समय मोहन लाल रावत, रवि गामड़, पप्पू सोलंकी,मुकेश सोलंकी ,बबलू चौहान, प्रकाश जेमला देवडे़ इत्यादी जयस बिरसा ब्रिगेड कार्यकर्ता उपस्थित थे।
भवदीय
जयस बिरसा ब्रिगेड देवास
9617638602
सादर प्रकाशनार्थ प्रेषित
दिनांक 15.07.2024
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