प्रिय विवाहातुर शिक्षक

एक अविवाहित शिक्षक
     जो लड़की देखने के लिए
   अपने प्रधानाचार्या महोदया को
          प्रार्थना पत्र देता है.

और फिर ...
         प्रधानाचार्या महोदया ने
             उस शिक्षक को 
           क्या जवाब दिया
            पढ़कर आप भी
          आनंदित हो जायेंगे.

        😏😳 🙆🏻‍♀️ 😳😏

सेवा में,
प्रधानाचार्या महोदया !
................... विद्यालय.

 विषय : विवाह करने के लिए 
     कन्या दर्शनार्थ हेतु अवकाश

    महोदया जी ..!!
    जैसा कि आप जानती हैं , कि 
   विवाह युगों-युगों से चली आ रही
  एक ऐसी परम्परा है, जिसके लिए
            एक पुरुष बहुत ही 
           प्रफुल्लित होता है.

    महोदया, मेरे पिता जी ने मुझे 
  दूरसंचार (मोबाइल) के माध्यम से 
    सूचित किया है, कि वो मेरे लिए
          कन्या देखने जा रहे हैं.
      महोदया, यद्यपि उन्होंने मुझे 
        बुलाया तो नहीं है, परन्तु 
           मेरी अभिलाषा है कि 
         मैं भी कन्या को देख लूँ.

महोदया जी ! 
     जैसा कि आप जानती हैं , कि 
   इन दिनों शिक्षक लड़कों का क्रेज 
   घट रहा है और शिक्षक लड़कों के
          विवाह के लिए रिश्ते 
         न के बराबर आ रहे हैं.

  महोदया जी ! बड़ी ही मुश्किल से 
            एक अच्छा रिश्ता मिला है.
     कन्या बहुत ही रूपवती, सुशील,
          गुणवती, विदुषी है , जैसे 
    ◆ टीवी सीरियल की अभिनेत्री. ◆

  आदरणीय, मेरी विवाह की आयु भी 
          अपने अंतिम चरणों में है.
        अत: आपसे विनम्र करबद्ध 
       निवेदन है कि मुझे 3 दिन का 
       अवकाश देने की कृपा करें, 
         आपकी महान कृपा होगी.

     मैं व मेरा परिवार, यहाँ तक कि 
           मेरे भावी बच्चे भी 
       आपके आजीवन ऋणी रहेंगे.
          
            निवेदक ~
           आपका शिक्षक
              आत्माराम.
  🤥
  ┉┅━❀꧁ω❍ω꧂❀━┅┉
   🎯 प्रधानाचार्या जी का जवाब ~

    सेवा में,
   प्रिय विवाहातुर शिक्षक
💁🏻‍♂️

  आपकी अभिलाषा से अवगत हुई 
       और आपके संशय से भी.
     विवाह, युगों-युगों से निरन्तर 
      चली आ रही परम्परा है, 
    और हमारे आस्तिक समाज में 
          यह परम विश्वास है कि 
★ विवाह भगवान के यहाँ से ही 
                 तय होते हैं, 
           जहाँ होना है वहीं होगा.

         आप ऊपर के भगवान
       (परम पिता परमेश्वर) तथा 
   नीचे के भगवान (अपने पिता) पर
            पूर्ण विश्वास रखिये.

          बिना आपके गए भी ....
         सब अच्छा व भला होगा.
     मुझ पर भी विश्वास रखिये कि 
          विवाह तय होने पर 
मैं आपके अवकाश प्रार्थना-पत्र को 
        स्वीकृत करने पर विचार 
               अवश्य करुँगी.

    आपकी प्रधानचार्या होने के नाते 
एक और सलाह आपको दूँगी कि आप
     अभी-अभी अत्यन्त परिश्रम व 
          इतनी भयंकर गर्मी में 
              बोर्ड काँपियों के
   मूल्याँकन का कार्य पूरा किये हैं.
     चुनाव कार्य भी चल रहा है.
        तो थोड़ा आपके चेहरे में 
 उतार-चढ़ाव व कालापन आ गया है, 
  जो कन्या के दर्शनार्थ उचित नहीं है.
     और मुझे यह आशंका है कि 
        कहीं आपके दर्शनोपरांत
         कन्या आपके रिश्ते को 
       ठंडे बस्ते में न डाल दे, या 
  आपको रिजेक्ट भी कर सकती है.

      अतः हे मेरे प्रिय शिक्षक !
  मैं आपके अवकाश प्रार्थना-पत्र को 
  आपके हित में अस्वीकृत करती हूँ , 
ताकि आपका रिश्ता स्वीकार हो सके.

 आदर्श आचार संहिता चल ही रही है
    इसलिये जाइए ... मन लगा कर 
        काम मेें ड्यूटीरत होइए.

       🖋️ प्रधानाचार्या 🖊️

       🤣 😜 🤷🏻‍♀️ 😜🤣
           

   
    सच्ची घटना पर आधारित है.।

        :राकेश देवडे़ बिरसावादी 9617638602

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