आधुनिक बिरसा विलेश खराड़ी का जिलाबदर

"जमीन के लिए मर भी जायेंगे तो गम नहीं है।जमीन से बड़ी मौत भी नहीं है, क्योंकि मरने के बाद दफन होने के लिए जमीन ही तो  चाहिए,अगर आप जलोगे तो जमीन पर जलोगे आसमां पर नहीं जा सकते। जमीन की लड़ाई में शहीद होना पड़े हो जायेंगे। मां की एक कोख उजड़ी अगर हजार कोख देनी पड़े तो हम देने को तैयार हैं।बिरसा का जो बलिदान है उनके सामने मेरा जिलाबदर कुछ भी नहीं है। जिसने जनम दिया वो माई छोटी है जिसने खाना खिलाया,जो जमीन है वो माई मोटी है,उसकी सुरक्षा में हम आये बाहर तुम गोली मार दो गोली खाने को तैयार हैं।"
        : आधुनिक बिरसा विलेश खराड़ी

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