महाविद्रही टंट्या भील की मौत से सबक ले लो

जय जोहार आपकी जय🙏🌱
"अपने निजी स्वार्थ के कारण समाज की मुखबिरी समाज के लोग ही कर रहे है।अब भी वक्त है टंट्या भील की मौत से सबक ले लो अन्यथा सबकुछ खत्म होने के बाद सिर्फ पछतावा होगा। मध्य प्रदेश में पिछले 3 महीने में हजारों आदिवासी परिवारों का घर प्रशासन द्वारा तोड़ दिया गया।गर्भवती महिलाओं को थाने में पीटा जा रहा है, गांव में लगा हैंडपंप तक उखाड़ दिया गया है, प्रधानमंत्री आवास योजना में बने मकानों को तोड़ा गया है। नंगी नंगी मां बहन की जातिसूचक गालियां देकर मारा पीटा जा रहा है। इससे पहले भी देवास जिले मे मेहंदीखेड़ा कांड हो चुका है।👇https://youtu.be/blK4Wh7vpvsकौन लेगा इसकी सुध? मानव अधिकार आयोग इस देश में है या नहीं? आदिवासी वोट बैंक का उपयोग करने वाले विधायक /सांसद हैं या नहीं?https://youtu.be/8W_RjqjAGw4 समाज के नाम पर समाज सेवा करने वाले समाज सेवक है या नहीं? हम किसी भी किस्म के अपराध और अपराधी का समर्थन नहीं करते हैं, जो अपराधी है उन्हें संवैधानिक रूप से दंड अवश्य मिलना चाहिए लेकिन पूरे गांव को दोषी ठहरा कर उन पर जानवरों जैसा बर्ताव करना कहां का न्याय हैं? प्रशासन की कार्यवाही के डर से छोटे-छोटे बच्चों को लेकर भूखे प्यासे जंगलों में भाग रहे हैं आदिवासी समुदाय के लोग, कौन लेगा इनकी सुध??????? हिंसा से कोई हल नहीं निकलेगा।
 गोली खाने वाला आदिवासी, गोली मारने वाला आदिवासी मरेगा कौन?"
https://youtu.be/9EFhrUN8Bh0
जो कुछ भी हो लेकिन इस गंभीर समस्या का हल निकलना चाहिए।
: राकेश देवड़े बिरसावादी
(सामाजिक कार्यकर्ता एवं आदिवासी मामलों के विश्लेषक लेखक)

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