शू.....मने तीन दहाड़े धरती माता चांद सुरीमल दात्या दगड़ा खाडा खुदरिया बयड़ा खयड़ा खेती वाड़ी घर परिवार डोर ढ़ाकर,जो आम्रा डाहडा बनावींन आप्या आज जिवने साहरू छे चो सब वाचड़ने हिमिन पिरिया पारी मा विचार हमेशा बढ़तो रहे...ने माय देव मोगरा जी तारी मानता छे,कंसरी, साव, भादी, बाजरा उड़दी जो आमरे जुव छै चो समय समय पर करता रहसु..माय आमु काय जानजे नी जानजे आमरे सी गलती होए जाए ती भूल्या चुक्या माफ करजी
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