जोहार.....मेरा भारत कैसे महान??????ओडि़सा के कोरापुट जिलें के रहने वाले आदिवासी सामुलु पांगी ने अपनी बीमार पत्नी को आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम में एक अस्पताल में भर्ती कराया था। सामुलु का घर वहां से करीब 100KM दूर था। डॉक्टरों की सलाह पर पत्नी को घर वापस ले जाते वक्त पत्नी की रास्ते में मौत हो गई। ऑटो वाले ने शव को आगे ले जानें से मना कर दिया। 33KM पैदल शव ले जाना पड़ा। दुखद एवं शर्मनाक। माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय मोदी जी आखिर कैसे मान लें कि ये अमृतकाल है? कांधे पर पत्नी की लाश सरकारी सुविधाओं की तलाश..............
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